अतीत का अलीगढ़ 5:तालानगरी में ताले के अलावा बना करते थे लेटर बॉक्स, लालटेन, लैंप और कैंचियां – Apart From Locks, Aligarh Used To Make Letter Boxes, Lanterns, Lamps And Scissors In Talanagari

अतीत का अलीगढ़ 5:तालानगरी में ताले के अलावा बना करते थे लेटर बॉक्स, लालटेन, लैंप और कैंचियां – Apart From Locks, Aligarh Used To Make Letter Boxes, Lanterns, Lamps And Scissors In Talanagari

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Apart from locks, Aligarh used to make letter boxes, lanterns, lamps and scissors in Talanagari

अतीत का अलीगढ़
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


जिला अलीगढ़ में धातुओं का काम अंग्रेजी शासनकाल में काफी अहम था। सन 1857 में धातुओं से संबंधित उत्पादों के कई कारखाने जिले में मौजूद थे। तालों के अतिरिक्त इनमें लेटर बॉक्स, लालटेन, लैंप और कैंचियां, बेल्ट, बैज, मोहरें आदि बना करते थे। ये उत्पाद पूरे भारत में भेजे जाते थे। इनके वितरण में डाक विभाग का बहुत बड़ा हाथ था। अलीगढ़ पोस्टल वर्कशाप की स्थापना सन 1842 में हुई थी।

तत्कालीन पोस्ट मास्टर जनरल डॉक्टर पैटन अलीगढ़ शॉप नाम से एक व्यवस्था बनाई थी जिसके तहत वह बुग्गियों, बैलगाड़ियों से आने वाले सामानों को पार्सल बैग के रूप में तैयार करके पूरे भारत में भेजा करते थे। इस काम में लगभग दो हजार लोग लगे हुए थे। यह प्रयोग काफी सफल रहा था। लेकिन रेलवे के आगमन के साथ ही डाक विभाग से जुड़े कर्मचारियों की संख्या घटकर लगभग 400 तक रह गई।

1907 में ताले के 27 कारखाने थे अलीगढ़ में

पहले से स्थापित बड़ी संख्या में वर्कशॉप ही अलीगढ़ में धातु उद्योगों का आधार बनीं। बड़ी मात्रा में लोहे और पीतल का उपयोग तालों के निर्माण में किया जाता था।  सन 1907 में अलीगढ़ में ताले के 27 कारखाने स्थापित थे। इसके अलावा कुछ कारखाने इगलास और हाथरस में भी थे। ताला निर्माता दो फर्मों में दो-दो सौ से ज्यादा कर्मचारी थे। इनमें एक का नाम पॉयोनियर लॉक वर्क्स एंड जनरल मेटर फाउंड्री था। इसे मेसर्स जॉन्सन एंड कंपनी संचालित करती थी।

दूसरी का नाम स्पैलिंग लॉक वर्क्स था। इनमें निर्मित तालों की गुणवत्ता बेहद अच्छी थी। अलीगढ़ से ये पूरे भारत में भेजे जाते थे। दरअसल जिले को तालानगरी नाम इन्हीं कारखानों की बदौलत मिला था। दोनों कंपनियां विदेशी स्वामित्व वाली थीं। उस दौर में जो भारतीय ताला निर्माण में अग्रणी थे उनमें नबी बख्स, करीम इलाही, हाफिज इनायतुल्लाह, और अब्दुल्ला की फर्में थीं।

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anuragtimes.com

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