गोरखपुर खून माफिया:बीआरडी स्टाफ की मिलीभगत से गैंग चला रहा था निगम कर्मी, गिरफ्तार; ऐसे करता था खेल – Gorakhpur Blood Mafia Corporation Worker Running Gang In Connivance With Brd Staff

गोरखपुर खून माफिया:बीआरडी स्टाफ की मिलीभगत से गैंग चला रहा था निगम कर्मी, गिरफ्तार; ऐसे करता था खेल – Gorakhpur Blood Mafia Corporation Worker Running Gang In Connivance With Brd Staff

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Gorakhpur Blood Mafia Corporation worker running gang in connivance with BRD staff

खून बेचने के आरोप में पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी देते हुए एसपी नार्थ मनोज अवस्थी व अन्य
– फोटो : अमर उजाला।

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गोरखपुर नगर निगम के सफाई कर्मचारी से खून माफिया बने वसील खान को पुलिस ने साथी समेत जेल भिजवा दिया है। पुलिस की अभी तक की जांच में पता चला है कि वसील खान मजदूरों को निशाना बनाता था। जरूरतमंद तक उसे पहुंचाने में मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मदद करते थे। आरोपियों से पूछताछ के बाद ब्लड बैंक की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस ने एक महीने में मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक से खून लेने वाले सभी लोगों को बयान देने के लिए बुलाया है।

पुलिस लाइंस में सोमवार को एसपी नार्थ मनोज अवस्थी व एएसपी मानुष पारिख ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए खून माफिया के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी तिवारीपुर के बिंद टोला निवासी वसील खान और उसके साथी महराजगंज के फरेंदा निवासी केशर देव को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया है। जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।

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एसपी ने बताया कि रविवार शाम को वसील खान खजांची चौराहे से मजदूर, महराजगंज के पनियरा निवासी गोरख चौहान को 6000 में एक यूनिट खून देने की बात कहकर ले गया। मेडिकल काॅलेज के ब्लड बैंक में केशर देव मिला। उसने गोरख का खून निकलवाया। बाद में यह खून पिपराइच के रुदलापुर के मरीज मोहन को 10 हजार रुपये में बेच दिया। खून देने वाले गोरख को सिर्फ 1100 रुपये देकर मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी ने बताया कि इनका एक गैंग है, जो पिछले छह महीने से मेडिकल काॅलेज के पास सक्रिय है। सरगना वसील खान पहले नगर निगम का सफाई कर्मी था। वर्तमान में वह खून की दलाली कर रहा है। जबकि केशर देव खुद मजदूरी करता है और साथी मजदूरों को फंसाता है।

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anuragtimes.com

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